अध्याय 71
जानना और न जानना
मूल
知不知上,不知知病。夫唯病病,是以不病。圣人不病,以其病病,是以不病。
अनुवाद
यह जानना कि तुम नहीं जानते, उच्चतम ज्ञान है। न जानना और सोचना कि तुम जानते हो, रोग है। केवल इस रोग को रोग मानने से तुम रोगमुक्त होते हो। संत रोगमुक्त हैं, क्योंकि वे इस रोग को रोग मानते हैं, इसलिए वे रोगमुक्त हैं।
गहन चिंतन
यह अध्याय किस बारे में है?
यह अध्याय विनम्रता और आत्म-जागरूकता का संदेश देता है। सच्चा ज्ञान अपनी अज्ञानता को स्वीकार करने में है, न कि झूठे दंभ में।
इसका मुझसे क्या संबंध है?
मैं अक्सर अपनी सीमाओं को भूल जाता हूँ और अज्ञान में अहंकार कर बैठता हूँ। मुझे अपनी अज्ञानता को स्वीकार करना सीखना चाहिए।
आज मुझे क्या करना चाहिए?
आज, जब मैं कुछ नहीं जानता, तो उसे स्वीकार करें और सीखने का प्रयास करें, बजाय दिखावा करने के।
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