अध्याय 70
मेरे वचन सरल हैं
मूल
吾言甚易知,甚易行。天下莫能知,莫能行。
言有宗,事有君。夫唯无知,是以不我知。
知我者希,则我者贵。是以圣人被褐怀玉。
言有宗,事有君。夫唯无知,是以不我知。
知我者希,则我者贵。是以圣人被褐怀玉。
अनुवाद
मेरे वचन सरल हैं, सहज जानने योग्य, सहज आचरण योग्य। फिर भी संसार न उन्हें जानता है, न आचरण करता है। वचनों का एक स्रोत है, कार्यों का एक स्वामी। केवल अज्ञान के कारण वे मुझे नहीं जानते। मुझे जानने वाले विरले हैं, मेरा अनुसरण करने वाले दुर्लभ। इसलिए संत मोटे वस्त्र पहनता है, पर अपने हृदय में मणि धारण करता है।
गहन चिंतन
यह अध्याय किस बारे में है?
यह अध्याय बताता है कि सत्य सरल है, पर लोग उसे समझने और अपनाने में कठिनाई महसूस करते हैं। सच्चा ज्ञान बाहरी दिखावे में नहीं, बल्कि आंतरिक मूल्य में छिपा है।
इसका मुझसे क्या संबंध है?
मैं अक्सर जीवन को जटिल बना लेता हूँ, जबकि सच्चाई सरल है। मुझे बाहरी प्रशंसा से अधिक अपने आंतरिक सत्य को पहचानना चाहिए।
आज मुझे क्या करना चाहिए?
आज, एक सरल सत्य पर ध्यान दें: जो मैं जानता हूँ, उसे बिना दिखावे के जीने का प्रयास करें।
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