अध्याय 33
आत्म-ज्ञान की शक्ति
मूल
知人者智,自知者明。胜人者有力,自胜者强。知足者富,强行者有志。不失其所者久,死而不亡者寿。
अनुवाद
दूसरों को जानने वाला बुद्धिमान है, स्वयं को जानने वाला प्रबुद्ध है। दूसरों पर विजय पाने वाला बलवान है, स्वयं पर विजय पाने वाला अजेय है। संतोषी धनी है, दृढ़ इच्छाशक्ति वाला सफल है। अपने स्थान को न खोने वाला स्थायी है, मरकर भी न मिटने वाला चिरजीवी है।
गहन चिंतन
यह अध्याय किस बारे में है?
यह अध्याय आत्म-ज्ञान, आत्म-नियंत्रण, संतोष और दृढ़ता के महत्व को बताता है। सच्ची शक्ति बाहरी विजय में नहीं, बल्कि आंतरिक शांति और आत्म-समझ में है।
इसका मुझसे क्या संबंध है?
मेरे जीवन में, यह मुझे प्रेरित करता है कि मैं दूसरों से तुलना करने के बजाय अपने भीतर देखूँ। आत्म-नियंत्रण और संतोष ही सच्ची समृद्धि और शक्ति हैं।
आज मुझे क्या करना चाहिए?
आज, मैं पाँच मिनट मौन में बैठकर अपने विचारों और इच्छाओं का निरीक्षण करूँ, बिना निर्णय के।
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मेरा चिंतन
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