Chapter 36

सूक्ष्म बुद्धिमता

将欲歙之,必固张之;将欲弱之,必固强之;将欲废之,必固兴之;将欲夺之,必固与之。是谓微明。
柔弱胜刚强。鱼不可脱于渊,国之利器不可以示人。
ज़ेहरा कुछ सिकोड़ना चाहे,
पहले फैला दे।
ज़ेहरा कमज़ोर करना चाहे,
पहले मज़बूत कर दे।
ज़ेहरा उखाड़ना चाहे,
पहले स्थापित कर दे।
ज़ेहरा लेना चाहे,
पहले दे दे।
ओह सूक्ष्म बुद्धिमता बा।
नरम कमज़ोर कठोर नूं जितंदा बा।
मछली गहिरे पानी दित्तां से बाहर नईं निकल सकती,
राज्य दे हथियार दूज़े नूं नईं दिखाने चाहिए।

गहरी सोच

ऐ चैप्टर बारे में क्या ऐ?

इस अध्याय दित्तां सिखे दा कि सब चीज़ां अपनो उल्टा रास्ता दित्तां चलंदी हैं। ज़ेहरा कुछ पाना चाहे दा है, पहले उसदो उल्टा करो। नरम अर कमज़ोर कमज़ोर चीज़ हौसला दित्तां जीतंदी हैं। मछली गहिरे पानी दित्तां सुरक्षित रहे दी, कमज़ोर हथियार दूज़े नूं नईं दिखाने चाहिए।

एह मेरे कन्ने किवें संबंधित ऐ?

मैं समझदा हां कि ताकत दी असली पहचान ओह नईं ज़ेहरा दिखाई दे दी। असली ताकत सूक्ष्म बुद्धिमता दित्तां होती है। ज़ेहरा मैं सब कुछ ज़बरदस्ती करे दा हां, मैं हार जांदा हां। ज़ेहरा मैं समझूं अर छोटा रहूं, मैं जीतूं।

What should I do today?

आज ज़ेहरा कोई मुझ नूं कुछ कहे ज़ेहरा मैं नईं चाहता, मैं ज़ोर नईं दूंगा। बजाय ओहदे मैं शांत रहूंगा अर देखूंगा कि कुछ समय बाद क्या होता है।

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मेरी सोच

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