अध्याय 79

बड़का गिला नाहीं मिटावै

和大怨,必有余怨,安可以为善?
是以圣人执左契而不责于人。有德司契,无德司彻。
天道无亲,常与善人。
बड़का गिला मिटावे के बाद भी, कुछ छोटका गिला बच जाई। अइसन में सुभ कर्म कहाँ होई?
एहि लेल संत जन दया के धन-दस्तावेज बांचे रखे लें, पर दुसरन के दोष नाहीं लेवें। जेकर मन में दया बा, ऊ कर्तव्य के निभावे लें; जेकर मन में दया ना होई, ऊ सख्त नियम के पालन करे लें।
स्वर्ग के राह ना कवनो से पक्ष लेला, पर हमेशा भल लोगन के संग रहे ला।

गहन चिंतन

एहि अध्याय में का बात होला?

ई अध्याय कहे ला कि बड़का क्रोध या गिला मिटा दिहला के बाद भी, कुछ अंदर के अछिरता बची रहे ला। एहि से अछिरता के जड़ में जाए के जरूरत बा। संत जन लोग अधिकार के कागजात रखे लें बिना कवनो के दोष दिहला के। जे मन में दया बा ऊ कोमलता से काम लेला, जेकरा में दया ना होई ऊ कड़क कानून लादे ला।

एहि के मोहल्ला से का संबंध?

मेरे जीवन में भी ई बात लागू होला कि कबो-कबो मैं गिला मिटा देला पर अंदरूनी भाव अभी भी बचा रहे ला। एहि से मुझे सीख मिले ला कि रिश्ता में सच्चा पावनपन लेके आए के चाहीं, ना कि बाहर से देखावे के लायक।

आज का करब?

आज जेकर संग मेरे मन में कवनो अछिरता या गिला बा, मैं ओकरा के सीधे बात करके, बिना दोष दिहला के, सुलझावे के कोशिश करब।

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मोहना विचार

एहि अध्याय में रउआ के का प्रेरित करेला? रउआ एकरा केसे लागू करब?

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