अध्याय 6
घाटी के आत्मा
मूल
谷神不死,是谓玄牝。玄牝之门,是谓天地根。绵绵若存,用之不勤。
अनुवाद
घाटी के आत्मा कब्बो मुइ ना होला, ईके कहल जाला गहिरा माता। गहिरा माता के दरवाजा, ईके कहल जाला आसमान-जमीन के जड़। लगातार बहत रहेला जइसे हमेशा मौजूद होखे, ईके उपयोग कब्बो खतम ना होला।
गहन चिंतन
एहि अध्याय में का बात होला?
ई अध्याय बतावेला कि प्रकृति में कवनो शक्ति बा जे कब्बो मुइ ना होला। ई शक्ति सब जीव के जन्म देला आ सबके पालन करेला। ई निरंतर बहत रहेला, कब्बो खतम ना होला।
एहि के मोहल्ला से का संबंध?
हमरा जिनगी में बहुते बेर ऐसन लागत बा कि हम कब्बो-कब्बो खतम हो जाएब। पर ई अध्याय हमके याद दिलावेला कि हमरा भीतर कवनो शक्ति बा जे हमेशा जियित रहेला। प्रकृति के साथ जुड़ के हम ई शक्ति महसूस कर सकेना।
आज का करब?
आज हम कबो भी, कवनो नदी के किनारा होई, जंगल में होई, या बस खुला आसमान तरे देखत रहब। प्रकृति के साथ अपन जुड़ाव महसूस करब।
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मोहना विचार
एहि अध्याय में रउआ के का प्रेरित करेला? रउआ एकरा केसे लागू करब?