Chapter 55

धनि-गुण सँ परिपूर्ण व्यक्ति

含德之厚,比于赤子。毒虫不螫,猛兽不据,攫鸟不搏。骨弱筋柔而握固。
未知牝牡之合而朘作,精之至也。终日号而不嗄,和之至也。
知和曰常,知常曰明。益生曰祥,心使气曰强。物壮则老,谓之不道,不道早已。
जे व्यक्ति के गुण सबहि कँ दैवत अछि, ओहि कऽ उदाहरण नवजात शिशु केर अछि। विषैला कीट ओकर किछु नहि करैत अछि, महान पशु ओकर किछु नहि करैत अछि, आ लबैया पक्षी ओकर किछु नहि करैत अछि। ओकर हड्डी कोमल अछि आ नाड़ी-स्नायु नरम अछि मुदा मुट्ठी बलवान अछि। ओ बिनु यौन-ज्ञान केर सेहो वस्तु उठैत अछि - एहि केर कारण ओकर शुक्र-द्रव्य अतिशय छै। ओ रातभर रुदन करैत अछि मुदा बोली नहि बैठति - एहि केर कारण ओकर आत्मा संतुलनमय अछि। जे व्यक्ति संतुलन केर ज्ञान राखैत अछि, ओ सदा केर सत्य केर साक्षी बनैत अछि। जे सदा केर सत्य केर साक्षी बनैत अछि, ओ ज्ञानी बनैत अछि। जीवन केर बढ़ती पर अनुतोष मानबय निषेध अछि आ मन केर कामना सँ श्वास-प्रश्वास पर नियंत्रण करबय शक्ति मानबय अतिशय अछि। जखन कोनो वस्तु अपन उच्चतम बिंदु पर पहुँचैत अछि, तखन ओ वृद्ध हुनैत अछि - एहि केर कारण ओ ताओ केर विपरीत अछि आ ताओ केर विपरीत सबहि कऽ मृत्यु अवश्यम्भावी अछि।

गहन चिंतन

ई अध्याय की बारे में बा?

ई अध्याय कहैत अछि जे जे व्यक्ति गुण-दैवत सँ परिपूर्ण अछि, ओ नवजात शिशु केर समान पवित्र आ निर्दोष होइत अछि। नवजात शिशु जँ जँ दूर रहैत अछि विषैला कीट, आक्रामक पशु आ लबैया पक्षी सब तरह सँ सुरक्षित। ओकर कोमल शरीर मुट्ठी बलवान बनैत अछि - ई कोमलता मे अनन्त शक्ति अछि। ओकर अज्ञान सेहो ओकर शुद्धता केर चिह्न अछि जे बिनु यौन-ज्ञान केर स्फुरण हुइ जैत अछि। निरन्तर रुदन मे सेहो ओकर आत्मा संतुलनमय अछि। संतुलन केर ज्ञान हेबय ई महान ज्ञान अछि जे सदाकालिक सत्य केर मार्ग दैवत।

एहि कें हमरा सँ की संबंध?

मानैत अछि जे अपन जीवन मे हम सब अक्सर जटिल बनाबय केर प्रयास करैत छी। पैघ पैघ उपलब्धि, बाहरी शक्ति, आ अधिकार केर लालसा मे पड़ैत छी। पर दैवत केर मार्ग सरल अछि - आत्मा केर संतुलन राखबय, कोमलता आ धैर्य बनाए राखबय। नवजात शिशु केर समान कोमलता आ मृदुता मे अपार शक्ति अछि जे सबहि कऽ प्रयास सँ मिलइ नहि। ई अध्याय हमरा कहैत अछि जे भीतर सँ शुद्ध रहबय अङ्ग महान गुण अछि।

आइ हम की करी?

आजुक दिन मे हम कोमलता केर शक्ति कोनैत अछि एहि पर ध्यान दैब आ कोनो कठिन परिस्थिति मे आक्रामक नहि बनैत, कोमलता सँ जवाब देबय केर प्रयास करब।

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मम विचार

एहि अध्याय अहाँ केँ की प्रेरित करैत अछि? अहाँ एकरा कीदे लागू करब?

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