अध्याय 79

महान विवादों का समाधान

和大怨,必有余怨,安可以为善?
是以圣人执左契而不责于人。有德司契,无德司彻。
天道无亲,常与善人。
महान विवादों को सुलझाने के बाद भी कुछ शेष रह जाता है, यह कैसे उत्तम हो सकता है? इसलिए संत ऋण-पत्र रखता है पर दूसरों से लेने नहीं जाता। सद्गुणी व्यक्ति ऋण-पत्र रखता है, गुणहीन व्यक्ति कर वसूलता है। आकाश का मार्ग किसी का पक्ष नहीं लेता, वह सदा सज्जनों का साथ देता है।

गहन चिंतन

यह अध्याय किस बारे में है?

यह अध्याय बताता है कि बड़े झगड़ों को सुलझाने के बाद भी असंतोष बचा रहता है। संत दूसरों से लेन-देन नहीं करता, बल्कि देने वाला होता है। सद्गुणी व्यक्ति उदार होता है, जबकि गुणहीन व्यक्ति सख्ती से वसूलता है। प्रकृति का नियम निष्पक्ष है और सज्जनों का साथ देता है।

इसका मुझसे क्या संबंध है?

मेरे जीवन में यह सिखाता है कि विवादों को पूरी तरह मिटाना असंभव है। मुझे दूसरों से बदला लेने या हिसाब मांगने की बजाय उदारता और क्षमा का भाव रखना चाहिए। जब मैं देता हूँ, तो मैं वास्तव में अधिक पाता हूँ।

आज मुझे क्या करना चाहिए?

आज, किसी पुराने विवाद या गलतफहमी को छोड़ने का प्रयास करें। किसी से अपने अधिकार या बकाया का हिसाब मांगने की बजाय, उसे माफ कर दें और आगे बढ़ें।

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मेरा चिंतन

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