Chapter 48
सिखण-सिखण बढ़ना, छोड़ण-छोड़ घटना
Original
为学日益,为道日损。损之又损,以至于无为。无为而无不为。
取天下常以无事,及其有事,不足以取天下。
取天下常以无事,及其有事,不足以取天下。
अनुवाद
सिखण-सिखण बढ़ना होय, ताओ की राहे बढ़ना हाना होय। हाना-हाना क के, अंत में नेई-करण तक पहुंचना होय। जे नेई-करे उ करे सारा। दुनिया हासिल करण लेई बे-मतलब राह चलो, जे मतलब लेई चलो ते दुनिया हासिल नेई हो सक़दी।
गहरी सोच
ऐ चैप्टर बारे में क्या ऐ?
सिखण ने सिखण बढ़ाया करै, पर ताओ की राहे हाना होय। जे जितना छोड़ देया, उतना बेहतर। नेई-कर्म (बे-मतलब करण) से सारा काम हो जाहिं। दुनिया तेकरै हासिल होती जे बे-मतलब राह चले।
एह मेरे कन्ने किवें संबंधित ऐ?
मैं बहुती बेर सिखण-सिखण करण में लगा रह्हा हाँ, पर ई पांडुलिपि कहै जे ताओ की राहे जाणण लेई मुझै बहुत कुछ छोड़णा पड़़ेग़ा। मेरे मन की भावनाएं, सिखण की चाह, इत्यादि।
What should I do today?
आज मैं कुछ ऐसा करण बंद करनै जे बेकार होय, कुछ सिखण की चाहत छोड़नै, और बस मौज़ूदा पल में राज़णै।
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मेरी सोच
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