अध्याय 15
पुरानका योगी लोग
मूल
豫兮若冬涉川,犹兮若畏四邻,俨兮其若客,涣兮若冰之将释,敦兮其若朴,旷兮其若谷,混兮其若浊。
孰能浊以静之徐清?孰能安以久动之徐生?保此道者不欲盈。夫唯不盈,故能蔽而新成。
अनुवाद
गहन चिंतन
एहि अध्याय में का बात होला?
ई अध्याय पुरानका योगी लोगन के बारे में बतावेला जे गहिरा, सूक्ष्म, अउर रहस्यमय रहे। ओकरा के सात गुन बतावल गइल बा - सावधानी, संकोच, गंभीरता, विमुक्ति, मूलता, विस्तार, अउर विनम्रता। ओ लोग कहल गइल बा जे बहुत बड़ पूर्ण नाहीं होला, एहि कारण नया बन सकेला।
एहि के मोहल्ला से का संबंध?
हमनी के जीवन में हम सब समय सब कुछ जाने के कोशिश करे लीं, हर जवाब खोजे के कोशिश करे लीं। पर ई अध्याय हमरा सिखावेला कि अनिश्चित रहल, सीमित रहल - ई बुरी बात नाहीं। बलुक एहि में शक्ति बा। मैं अक्सर हर बात के जाने के कोशिश करतानी जे मोहके असुरक्षित करेला।
आज का करब?
आज मैं कम से कम एगो सवाल के बिना जवाब के छोड़ दिहूंगा। बिना ओकरा के हल करे के कोशिश कइले के, बिना चिंता कइले के। बस मान लिहूंगा कि कई कछु जानबो के हमरा के परमेश्वर पर छोड़ दिहल जाई।
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मोहना विचार
एहि अध्याय में रउआ के का प्रेरित करेला? रउआ एकरा केसे लागू करब?