अध्याय 4

गहराई का मार्ग

道冲,而用之或不盈。渊兮,似万物之宗。
挫其锐,解其纷,和其光,同其尘。湛兮,似或存。
吾不知谁之子,象帝之先。
मार्ग खाली बा, पर एकरा के भरल नाहीं जा सकता। कितना गहरा बा, मानो सबके बनवारी। एकरा तीक्ष्णता काट देला, झंझट के सुलझाव देला, चमक के मंद कर देला, धूल में मिला देला। कितना नीमल बा, मानो काहू द्वारा राखल गइल बा। हम नाहीं जानत ई कवना संतान बा, मानो सम्राट से पहिले से बा।

गहरा चिंतन

यह अध्याय किस बारे में है?

ई पद्य बतावेला कि मार्ग खाली बा आउर बिना भरल चलत बा। ई गहरा बा मानो जगत के जननी। ई सब कुछ चिकना बना देला, झंझट हटा देला, रौशनी के नरम कर देला आउर सब में मिल जाला।

यह मुझसे कैसे संबंधित है?

हम अक्सर जीवन में कुछ भरने के कोशिश करत बानी जा। पर सच्चाई ई बा कि खालीपन में ही पूर्णता बा। मार्ग के समझ से हम समझबय लागत बानी जा कि बहुत ज्यादा पकड़े के बजाय छोड़ देवे से शांति मिलेला।

आज मुझे क्या करना चाहिए?

आज कुछु करे के बजाय बैठ के साँस लिहल। खालीपन के महसूस करल, एकरा में समय बितावल। कवनो चीज़ के पकड़े के कोशिश मत करे, बस खाली बैठल आउर मौजूदगी के अनुभव करल।

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