Chapter 7
आकाश आरू पृथ्वी सदा रै
Original
是以圣人后其身而身先,外其身而身存。非以其无私邪?故能成其私。
अनुवाद
गहरो विचार
इ अध्याय किण बारे में है?
आकाश आरू पृथ्वी सदा रै। ई जे कारण सदा रै कि ई आपणा खातिर नई जियती - एजूँ कारण जिणा रै। संत जण आपणा नै पिछलै राखी आरू आगलै हो जाथै, आपणा नै भूली आरू बणी रै। जे निःस्वार्थ हे सो आपणी बात पूरी करी सक्थै।
इ म्हारे सूं केड़ो संबंधित है?
हाँव सदा आपणी महत्वाकांक्षा रो खातिर कोशिश करता रै। पण ई जाणी लिया कि जे आपणा खातिर जियै सो मरे सरवै, आरू जे आपणा भूली सरवै सो बणी रै। म्हारी जिंदगी में ई सोच कि 'मैं क्या मिलाव' कम करी, आरू 'मैं क्या देव' पै जादा ध्यान दिया तो म्हारी जिंदगी में शांति आवै।
आज म्हैं के करणो चाहीजे?
आज कोई एगी बात करणा जतणा उपरांत हटणो जे महत्वपूर्ण हे। कोई गप्प सुनणी, कोई पद बिठाणा जतणा पिछलै होणो - ई कठिन हे पण सीखणा जोवै।
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म्हारो विचार
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