Chapter 39
पहिले एका बणण वाला
Original
其致之,天无以清将恐裂,地无以宁将恐发,神无以灵将恐歇,谷无以盈将恐竭,万物无以生将恐灭,侯王无以贵高将恐蹶。
故贵以贱为本,高以下为基。是以侯王自称孤、寡、不谷。此非以贱为本邪?非乎?故致数誉无誉。不欲琭琭如玉,珞珞如石。
अनुवाद
गहरो विचार
इ अध्याय किण बारे में है?
एहूँ अध्याय हमांसूं बोलै कि पहिले सूं एका बणण वाला सब कुछ में हुवै। आसमान, धरती, देवता, खाई, जगत अरि राजा - सब एका बणै, तां ठणा हुवै। बिना एका के सब बिगड़ जासै। ऊंचा नीचा रा आधार हुवै। एमां सूं राजा आपूँ हांसूं वीनाम बोलावैga। बहुत शेर मानणो शेर नीं हुवै। नीं चाहिए कि दिखावटी मोती बणूंga, चाहिए कि सादा पत्थर बणूंga।
इ म्हारे सूं केड़ो संबंधित है?
मईं वी कई बार ऊंच होण की वांट करूंga। पर एहूँ अध्याय हमांसूं बोलै कि ऊंचता नीचता रा आधार हुवै। मईं जो हांसूं वीनाम स्वीकार करूंga, सूं वी शक्ति मिलै। मोती ज्याए नीं, पत्थर ज्याए सादा रहूंga, त सच्ची ताकत हुवै।
आज म्हैं के करणो चाहीजे?
आज मईं आपूँ हांसूं कोई वीनाम बोलूंga ज्याए कि मैंने कुछ नीं सीख्या या मैं गलत हुं। कोई एक काम सादगी रा करूंga। बिना दिखावट के, सच्चा रहूंga। एका री ओर देखूंga कि मईं कहां सूं हां अरि कहां जाउंga।
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म्हारो विचार
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