Chapter 28

पुरुष जाणो, णारी राखो

知其雄,守其雌,为天下谿。为天下谿,常德不离,复归于婴儿。
知其白,守其黑,为天下式。为天下式,常德不忒,复归于无极。
知其荣,守其辱,为天下谷。为天下谷,常德乃足,复归于朴。
朴散则为器,圣人用之则为官长。故大制不割。
पुरुष बलवाणो जाणो, णारी सी काया राखो, एठो जगत री ड़ाबण होय। जगत री ड़ाबण बणो, ताेत बणो ते पुण णा हरो, पिट्टू सी हालत मा वापस आयो।
सफेद जाणो, काळो राखो, जगत रो माड़ल बणो। जगत रो माड़ल बणो, ताेत बणो ते पुण णा हरो, अणांत री हालत मा वापस आयो।
आबरू जाणो, नीचाई राखो, जगत रो कुंआ बणो। जगत रो कुंआ बणो, ताेत बणो ते पुण भरियाद बणो, ड़ाबण दारू सी हालत मा वापस आयो।
ड़ाबण दारू बिखरो तो हथियार बणो, पंडित जिण णे एकरै काम मा लियो ता राजा बणो। एठो मोटो ठामक णा काटणी चाहिये।

गहरो विचार

इ अध्याय किण बारे में है?

आळो पांडे णै बताै कि पुरुष री ताकत जाणो, पर णारी सी विनम्रता राखो। जिण री ड़ाबण सी हालत मा रहो, ताेत तुमारी आत्मा पिट्टू सी निर्दोष रहेगी। जिण सफेद जाणो, काळो राखो - बाहरिया मा बदणाम राखो, भीतर णै शांत राखो। आबरू जाणो, नीचाई स्वीकारो - एठो जगत रा कुंआ बणो, जा मा सब कुछ आयो। जा काळ री ड़ाबण दारू सी हालत मा लौट आयो, से असलियत रो राजा बणो।

इ म्हारे सूं केड़ो संबंधित है?

हाैं, मी बलवाणे बणण्यात माहिर आहे, पर णारी सी कोमलता णै बदलूणो बाकी छे। जे मी ताकत दाखवावी लागे, ताै लागे की भीतर णै बच्चा सी सादगी राखूं। मी बाहरिया काळो दिखाऊं, पर भीतर णै शांत रहूं। जे हौसला री बात आय, ताै णीचाई णै भी अपणावूं - एठो मी बडा बणूंगा। आज मी एकरो अणुभरण करूं कि बाहरिया ताकत दाखवाऊं, भीतर णै सादगी राखूं।

आज म्हैं के करणो चाहीजे?

आज जे काम मा मी ताकत दाखवावै लागे, ता मा णैक णीकताैं रुकूं आणे सोचूं कि काळै री कोमलता णै काम बणावै। जे कोय मोठा बोले, ताै मी छोटे रो जवाब दूं। आज बाहरिया री आबरू णीक राखूं, पर भीतर णै शिशु सी निर्दोष रहूं।

संबंधित अध्याय

म्हारो विचार

What does this chapter inspire in you? How will you apply it?

Ask Laotzu About This Chapter Full chat →