Chapter 65
पुरानैं कालीआं दी बाट चलाई देंदैं निज़
Original
古之善为道者,非以明民,将以愚之。民之难治,以其智多。
故以智治国,国之贼;不以智治国,国之福。知此两者亦稽式。常知稽式,是谓玄德。
玄德深矣,远矣,与物反矣,然后乃至大顺。
故以智治国,国之贼;不以智治国,国之福。知此两者亦稽式。常知稽式,是谓玄德。
玄德深矣,远矣,与物反矣,然后乃至大顺。
अनुवाद
पुरानैं कालीआं दी बाट जे चलैदे न विज़ हौंदे थे, लोगां दे मन च बुद्धि नईं जगाया करदे थे, बल्कि ओकरी सादगी जगाया करदे थे। लोग जे बुद्धिमान हुंदे न, ओकरा मैनेज करना मुश्किल हुंदा था। एसे कारण जे बुद्धि तै देश चलाया जांदा था, ओकरा नुक्सान हुंदा था। जे बुद्धि नईं तै चलाया जांदा था, ओकरा फ़ायदा हुंदा था। जे ऐसे दोनै तरीकें जान लेय, ओकरा सही रास्ता मिल जांदा था। जे सही रास्ता जान लेय, ओकरा गहरा नेक मार्ग कहदे न। गहरा नेक मार्ग बहुत गहरा था आन बहुत दूर था, बाकी सब चीज़ां तै उल्टा था, पर ऐसे ही सब कुछ सही दिशा च रहांदा था।
गहरी सोच
ऐ चैप्टर बारे में क्या ऐ?
ई चैप्टर आखेंदा थी जे पुराने ऋषि लोगां दी बुद्धि तै नईं, बल्कि सादगी तै चलाया करदे थे। बुद्धिमान लोगां दा रास्ता कठिन हुंदा था। सादगी तै राज़ करना नेक हुंदा था।
एह मेरे कन्ने किवें संबंधित ऐ?
में भी अक्सर चाहदा हां जे हर किस्मा बुद्धिमान दिखां। पर ई याद रखना चाहीए जे सादगी आन सच्चाई तै बेसर हौंदा था।
What should I do today?
आज अपने बच्चैं नूँ बुद्धि दी बजाय सादगी दा मार्ग सिखानै दी कोशिश करना। बाकी लोगां दे पीछै पड़ने की बजाय अपनी राह चलना।
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मेरी सोच
What does this chapter inspire in you? How will you apply it?