अध्याय 21
महान गुण की रूप
Original
孔德之容,惟道是从。
道之为物,惟恍惟惚。惚兮恍兮,其中有象;恍兮惚兮,其中有物;窈兮冥兮,其中有精。其精甚真,其中有信。
自古及今,其名不去,以阅众甫。吾何以知众甫之状哉?以此。
道之为物,惟恍惟惚。惚兮恍兮,其中有象;恍兮惚兮,其中有物;窈兮冥兮,其中有精。其精甚真,其中有信。
自古及今,其名不去,以阅众甫。吾何以知众甫之状哉?以此。
अनुवाद
महान गुण के स्वरूप, सब केवल मार्ग के अनुसार चलईस। मार्ग जे चीज बा, ओहमा बेधर-अबेध बा। बेधर-अबेध में रूप बा, ओहमा चीज बा। गहरा-गूढ़ में सूक्ष्म-तत्व बा। ओहुका सत्य बहुत बा, ओहमा विश्वास बा। पुरनका जमाना से अब ले ओकर नाम मिटा नइखन, ई सब चीजन के देखईस। हम कइसे जानईन सब चीजन के स्थिति? एहि से।
गहरा चिंतन
यह अध्याय किस बारे में है?
ई अध्याय कहईस कि महान गुण केवल मार्ग के अनुसार चलईस। मार्ग बेधर-अबेध बा, पर ओहमा सब कुछ बा - रूप, चीज, सत्य, विश्वास। ई सूक्ष्म-तत्व सब चीजन में मौजूद बा। पुरनका जमाना से अब ले ई बात सच बा।
यह मुझसे कैसे संबंधित है?
जब हम कोनो बड़का काम करईन, त मन में यकीन नइखन रहत कि ई सही बा ya नइखन। ई अध्याय हमके बतावईस कि मार्ग पर चलल से भीतर के विश्वास आ जाईस। ओहुका सूक्ष्म-तत्व मिल जाईस जे सब कुछ सच बतावईस।
आज मुझे क्या करना चाहिए?
आज कवनो छोटका काम में मार्ग के अनुसार चले के कोशिश करईन - चाहे ई एगो छोटका इरादा हो, एगो सच्ची बात हो ya कवनो सरल काम हो। बिना दिखावा के, सादा-सादा करईन। भीतर के सूक्ष्म-तत्व के अहसास करईन।
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मेरा चिंतन
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