Chapter 62
तो हे सर्व चीज़ां री आड़
Original
道者万物之奥,善人之宝,不善人之所保。
美言可以市尊,美行可以加人。人之不善,何弃之有?
故立天子,置三公,虽有拱璧以先驷马,不如坐进此道。
古之所以贵此道者何?不曰求以得,有罪以免邪?故为天下贵。
美言可以市尊,美行可以加人。人之不善,何弃之有?
故立天子,置三公,虽有拱璧以先驷马,不如坐进此道。
古之所以贵此道者何?不曰求以得,有罪以免邪?故为天下贵。
अनुवाद
तो हे सर्व चीज़ां री आड़ हे, भलिआं रो निरमाण हे, आर भल न करणिआं री पनाह हे। सुंदर बातण मान सकै हे, सुंदर करणूक जतन बणाई सकै हे। जणी अच्छी न करै, ते नूं कोई कइसो दूर करै हे? जे राजा राज करै आर मंत्री घोषित करै, बड्डे बड्डे रतण आर घोडे भेट करण से, ते ए तो री Sitz करणा री कमाई। पुराण समै में हां ए तो नूं कइसो कीमती मानणाते हते? क्या ए न कहणा कि जे मांग्या से मिल जाय, आर जे गुनाह हते से माफ हों जाय? एतरै से सब रा सब रा रतण हे।
गहरो विचार
इ अध्याय किण बारे में है?
हे अध्याय सिखावै हे कि तो हे जीवण रो सब रा सब रा रतण हे। जे भला हे से ए नूं अपणा मानै हे, आर जे भल न करै हे से ए नूं पनाह देवै हे। कुछ मांगणा तं न मांगणा चाहिसी, पण जे मांगै हे ते नूं मिल जाय।
इ म्हारे सूं केड़ो संबंधित है?
मेरे जीवण में हां, जे बण कमाणो बणै हे, ते ज्यादा कमाई करण से नहीं, ते ए सिखावण सूं हे कि तो हे सब री आड़ हे। मेरे सब करणूकां में हां म्हारा आर ए तो रा संबंध बणी राखणा चाहिसी।
आज म्हैं के करणो चाहीजे?
आज सांझे थोड़ा समै निकाली के तो री बातां में बैठणी। बाहर की चिंता न करी के, म्हारे भीतर री तो नूं ढूंढणी। सब कुछ बाहर सूं नहीं, म्हारे भीतर मिलै हे।
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म्हारो विचार
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